TMC विवाद में चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, ममता गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ तो दूसरे खेमे को मिला ‘लिफाफा’

Samaj Aaj Tak Live | 18 सितंबर 2026

पुराने नाम और ‘फूल-घास’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक के बाद दोनों गुटों को मिली अलग पहचान

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। आयोग के फैसले के अनुसार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है और उसके लिए ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। वहीं दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न दिया गया है।

17 सितंबर को फ्रीज किया गया था पुराना नाम और चुनाव चिह्न

इससे पहले चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के पुराने नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और उसके आरक्षित ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर अंतरिम तौर पर रोक लगा दी थी। आयोग ने दोनों पक्षों को नए नाम और स्वतंत्र चुनाव चिह्न के विकल्प देने के लिए कहा था।

आयोग की यह व्यवस्था आगामी चुनावी प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों की अलग पहचान सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

ममता गुट का नया नाम और चुनाव चिह्न

आयोग के फैसले के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट अब ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ के नाम से चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेगा। इस गुट को फुटबॉल खिलाड़ी का चुनाव चिह्न दिया गया है।

दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम

दूसरे खेमे को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है और उसके लिए लिफाफा चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। रिपोर्टों में इस खेमे को ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले विरोधी गुट के रूप में भी वर्णित किया गया है, जबकि अरूप रॉय इस विवाद में प्रमुख पदाधिकारी के तौर पर जुड़े हैं।

उपचुनावों पर पड़ेगा सीधा असर

चुनाव आयोग का यह फैसला उन सीटों पर तत्काल महत्व रखता है, जहां दोनों गुटों की ओर से नामांकन दाखिल किए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इसमें पश्चिम बंगाल की रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटें तथा असम की नगांव लोकसभा सीट शामिल हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवार किस गुट के नाम और चिह्न के तहत माने जाएंगे, जबकि नामांकन की अन्य कानूनी शर्तों की जांच संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर करेंगे।

आगे क्या होगा?

फिलहाल दोनों गुट अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न के साथ चुनावी प्रक्रिया में आगे बढ़ेंगे। वहीं मूल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल और घास’ चिह्न को लेकर विवाद पर चुनाव आयोग की आगे की कार्यवाही महत्वपूर्ण रहेगी।

Samaj Aaj Tak Live के लिए यह रिपोर्ट 18 सितंबर 2026 को उपलब्ध चुनाव आयोग संबंधी रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। अंतिम चुनावी स्थिति के लिए आयोग के आधिकारिक आदेश और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की अधिसूचनाएं निर्णायक होंगी।

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