ट्रंप के 57 अधिकारियों की संपत्ति 10 करोड़ डॉलर से अधिक, अमीरों को नियुक्त करने में तीन राष्ट्रपतियों से निकले आगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने प्रशासन में 57 ऐसे अधिकारियों को नियुक्त किया है जिनकी संपत्ति 10 करोड़ डॉलर से अधिक है, जो पिछले तीन राष्ट्रपतियों के कुल आंकड़ों से चार गुना ज्यादा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने प्रशासन में अत्यधिक अमीर लोगों को शामिल करने के मामले में इतिहास रच दिया है। उपभोक्ता वकालत समूह पब्लिक सिटिजन की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप द्वारा नियुक्त किए गए ₹950 करोड़ से अधिक संपत्ति वाले अधिकारियों की संख्या पिछले तीन राष्ट्रपतियों के कुल आंकड़ों से भी चार गुना ज्यादा है।

खुद एक अरबपति कारोबारी रहे ट्रंप ने हमेशा से इस फैसले का बचाव किया है, उनका मानना है कि इतनी बड़ी वित्तीय कामयाबी ही किसी व्यक्ति की प्रशासनिक क्षमता और योग्यता का सबसे बड़ा सबूत है।

चुनावी वादों में विरोधाभास

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप का दृष्टिकोण उनके चुनावी आधार और वादों से काफी अलग दिखाई देता है। व्हाइट हाउस में उनकी सत्ता में वापसी मुख्य रूप से मध्यम आय वर्ग और कामकाजी वर्ग के मतदाताओं के भारी समर्थन से संभव हुई थी।

इन मतदाताओं को ट्रंप ने रोजमर्रा के खर्चों को कम करने और महंगाई से राहत दिलाने का भरोसा दिया था। हालांकि, अब स्थिति यह है कि आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले मतदाता उनके आर्थिक प्रबंधन को लेकर कम आश्वस्त नजर आ रहे हैं।

ट्रंप प्रशासन में संपत्ति का अभूतपूर्व पैमाना

डोनाल्ड ट्रंप के इस दूसरे कार्यकाल में व्यक्तिगत निष्ठा के साथ-साथ अपार संपत्ति सबसे प्रमुख पैमाना बनकर उभरी है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन में कुल 57 ऐसे अधिकारी हैं जिनकी संपत्ति कम से कम 10 करोड़ डॉलर आंकी गई है। इनमें से 17 अधिकारी राजदूत के पद पर तैनात हैं, जबकि शेष 40 अधिकारी कार्यकारी शाखा में विभिन्न वरिष्ठ पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

ट्रंप के 23 सदस्यीय कैबिनेट में से आठ सदस्य इसी 10 करोड़ डॉलर से अधिक की संपत्ति वाले दायरे में आते हैं। इनमें ट्रेजरी सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक और शिक्षा मंत्री लिंडा मैकमोहन जैसे अरबपतियों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा, उप रक्षा मंत्री स्टीफन फेनबर्ग, लघु व्यवसाय प्रशासन की प्रशासक केली लोफ्लर, ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के पास भी करोड़ों डॉलर की संपत्ति है।

पिछले राष्ट्रपतियों से तुलना

अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रपतियों द्वारा अमीर लोगों से सलाह लेना या उन्हें राजनीतिक समर्थन के बदले राजनयिक पदों पर नियुक्त करना कोई नई बात नहीं है। उदाहरण के लिए, 1920 के दशक में तेल और बैंकिंग दिग्गज एंड्रयू मेलन तीन अलग-अलग राष्ट्रपतियों के कार्यकाल में वित्त मंत्री रहे थे।

लेकिन, पहले के प्रशासनों की तुलना में ट्रंप के कार्यकाल का यह आंकड़ा काफी असाधारण है। पब्लिक सिटिजन की रिपोर्ट बताती है कि रिपब्लिकन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश और डेमोक्रेट जो बाइडन के प्रशासन में 10 करोड़ डॉलर की संपत्ति वाले केवल पांच-पांच अधिकारी थे। वहीं, बराक ओबामा के प्रशासन में ऐसे अधिकारियों की संख्या मात्र तीन थी।

क्या है सबसे बड़ी चिंता?

सरकार में आर्थिक रूप से संभ्रांत वर्ग का इतना बड़ा जमावड़ा कई संभावित जोखिम और गंभीर चिंताएं पैदा करता है। रिपोर्ट के लेखकों का मानना है कि जब सरकार की बागडोर संभालने वाले लोग बड़े पैमाने पर अति-धनी वर्ग से आते हैं, तो इससे प्राथमिकताओं का भटकाव होता है और भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ती है।

पब्लिक सिटिजन की सह-अध्यक्ष लिसा गिलबर्ट ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस स्थिति में यह पूछना लाजिमी हो जाता है कि ये संभ्रांत अधिकारी वास्तव में किसके हितों की सेवा कर रहे हैं।

ट्रंप और मस्क को रखा गया सूची से बाहर

यह ध्यान देने योग्य है कि इस रिपोर्ट की गणना में स्वयं राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और अरबपति कारोबारी एलन मस्क को शामिल नहीं किया गया है। फोर्ब्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप की अपनी कुल संपत्ति 6 अरब डॉलर से अधिक है।

वहीं, दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क, जिन्होंने संघीय सरकार के आकार और खर्चों को कम करने के प्रयासों पर ट्रंप को सलाह दी थी, उनकी कुल संपत्ति फोर्ब्स के अनुसार लगभग 860 अरब डॉलर आंकी गई है।

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