Samaj Aaj Tak Live | वॉशिंगटन

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अपील के बाद अमेरिका ने यमन में हूती ठिकानों के खिलाफ संभावित हवाई कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी थी। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य कमांडरों ने लक्ष्यों की सूची तैयार कर ली थी और विमानों को भी मिशन के लिए तैयार किया जा रहा था। लेकिन कार्रवाई शुरू होने से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना फैसला बदल दिया।
क्राउन प्रिंस ने ट्रंप से मांगी थी सैन्य मदद
रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से हूतियों के खिलाफ अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की अपील की थी। इसके बाद ट्रंप ने पेंटागन को संभावित हमले की तैयारी करने के निर्देश दिए। हालांकि, कुछ ही दिनों बाद अमेरिकी प्रशासन ने हूतियों पर सीधे हमले को फिलहाल रोकने का फैसला किया।
आखिर पीछे क्यों हटा अमेरिका?
रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के भीतर ही सऊदी अरब की लड़ाई में सीधे शामिल होने को लेकर मतभेद थे। अमेरिका पहले से ईरान के साथ चल रहे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में सैन्य दबाव झेल रहा है। हूतियों के खिलाफ नया मोर्चा खोलने से अमेरिकी सैन्य संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका थी।
एक अन्य वजह यह भी बताई गई कि हूतियों ने अमेरिकी जहाजों पर हमला नहीं करने को लेकर अमेरिका के साथ संपर्क बनाए रखा था। ट्रंप ने भी कहा कि अमेरिका हूतियों के साथ लगातार संपर्क में है।
सऊदी को अमेरिका की दूसरी तरह की मदद
अमेरिका ने सीधे हवाई हमले से पीछे हटते हुए सऊदी अरब को खुफिया जानकारी और टारगेटिंग सहायता देने की बात कही है। रॉयटर्स के अनुसार, वॉशिंगटन का जोर फिलहाल सऊदी और क्षेत्रीय सहयोगियों को अपनी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में मदद करने पर है।
Samaj Aaj Tak Live इस मामले में अमेरिका, सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ते तनाव से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर बनाए हुए है।

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