लंदन: इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। 36 वर्षीय वुड का 11 साल लंबा अंतरराष्ट्रीय करियर लगातार चोटों से जूझने के बाद समाप्त हुआ। वह इंग्लैंड की 2019 वनडे विश्व कप और 2022 टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे थे।

मार्क वुड ने अपने संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि पिछले एक साल में उन्होंने चोट से वापसी करने की पूरी कोशिश की, लेकिन इस बार वह अपनी लड़ाई नहीं जीत सके। मेडिकल सलाह के अनुसार अब उनके लिए टेस्ट और 50 ओवर का क्रिकेट खेलना संभव नहीं है। वुड ने कहा कि पिछले एक साल में इंग्लैंड के लिए खेलने का उनका सपना धीरे-धीरे खत्म होता चला गया।
दो विश्व कप जीतने वाली टीम का रहे हिस्सा
मार्क वुड इंग्लैंड की उन ऐतिहासिक टीमों का हिस्सा रहे, जिन्होंने 2019 में घरेलू मैदान पर वनडे विश्व कप और 2022 में ऑस्ट्रेलिया में टी20 विश्व कप जीता था।
2019 वनडे विश्व कप में वुड ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 मैचों में 18 विकेट हासिल किए थे। उनकी तेज रफ्तार उस टूर्नामेंट में इंग्लैंड के लिए बड़ा हथियार रही। इसके बाद 2022 टी20 विश्व कप में उन्होंने चार मैचों में नौ विकेट लेकर इंग्लैंड की खिताबी जीत में योगदान दिया।
11 साल का अंतरराष्ट्रीय करियर
वुड ने 2015 में न्यूजीलैंड के खिलाफ इंग्लैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। अपने करियर में उन्होंने 38 टेस्ट मैचों में 119 विकेट, 70 वनडे मैचों में 80 विकेट और 38 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 54 विकेट लिए। तीनों प्रारूपों को मिलाकर उनके नाम 253 अंतरराष्ट्रीय विकेट रहे।
उन्होंने चार एशेज सीरीज में भी इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व किया। 2015 में अपनी पहली एशेज सीरीज के दौरान ट्रेंट ब्रिज में उन्होंने वह विकेट लिया था, जिसने इंग्लैंड की जीत और एशेज हासिल करने को पक्का किया था। 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हेडिंग्ले में उनकी तेज गेंदबाजी ने इंग्लैंड की वापसी में अहम भूमिका निभाई थी।
चोटों ने बढ़ाई मुश्किलें
वुड के करियर में चोटों की समस्या लगातार बनी रही। पिछले साल उन्हें घुटने की सर्जरी के कारण करीब आठ महीने क्रिकेट से दूर रहना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने एशेज सीरीज के दौरान वापसी की, लेकिन पर्थ टेस्ट में केवल 11 ओवर गेंदबाजी करने के बाद उसी घुटने में सूजन की समस्या के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसके बाद वह इंग्लैंड के लिए मैदान पर नहीं उतर सके।
वुड ने कहा कि इंग्लैंड के साथ उनका केंद्रीय अनुबंध समाप्त होने का समय भी संन्यास लेने के फैसले को स्वाभाविक बनाता है।
‘इंग्लैंड के लिए खेलना सबसे बड़ा सम्मान’
अपने बयान में वुड ने इंग्लैंड के लिए खेलने को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलना उनका बचपन का सपना था और दुनिया घूमने के साथ दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का मौका मिलना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा।
मार्क वुड अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर हो गए हैं, लेकिन उन्होंने भविष्य में किसी रूप में क्रिकेट से जुड़े रहने और नई चुनौतियों का सामना करने की इच्छा जताई है।
— Samaj Aaj Tak Live

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