नेपाल में लावारिस शवों की शिनाख्त के लिए आगे आया भारत, नौ चरणों वाली प्रक्रिया की दी जानकारी

काठमांडू: नेपाल में हाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद बड़ी संख्या में लोगों की मौत और कई शवों की पहचान की चुनौती के बीच भारत ने मदद के लिए कदम आगे बढ़ाया है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने विदेशी नागरिकों, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हो सकते हैं, के शवों की पहचान और उन्हें परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी जारी की है।

भारतीय दूतावास ने बताया कि नेपाल सरकार ने विदेशी नागरिकों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंपने के लिए नौ चरणों वाली प्रक्रिया निर्धारित की है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य शवों की वैज्ञानिक और आधिकारिक तरीके से पहचान सुनिश्चित करना तथा सभी कानूनी और कांसुलर औपचारिकताओं को पूरा करना है।

शवों की पहचान और सुपुर्दगी के नौ चरण

नेपाल सरकार द्वारा तय प्रक्रिया के तहत निम्नलिखित चरण पूरे किए जाएंगे—

  1. पार्थिव शरीर से संबंधित आवश्यक दस्तावेज तैयार करना।
  2. शव की तस्वीरें और अन्य विवरण दर्ज करना।
  3. पोस्टमार्टम कराना।
  4. मौत के कारण की पुष्टि करना।
  5. शव की औपचारिक पहचान स्थापित करना।
  6. फिंगरप्रिंट, डीएनए और अन्य फोरेंसिक नमूने एकत्र करना।
  7. मृतक के पासपोर्ट या अन्य पहचान पत्रों का सत्यापन करना।
  8. दूतावास अथवा कांसुलर स्तर पर आवश्यक समन्वय पूरा करना।
  9. शव सौंपने से संबंधित मेमो और रसीद की प्रक्रिया पूरी करना।

भारतीय दूतावास के अनुसार, इस प्रक्रिया के शुरुआती चार चरण नेपाल के संबंधित अधिकारी पूरे करेंगे। इसके बाद पहचान और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं के आधार पर शव परिजनों को सौंपने की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

तस्वीरों और विवरण से हो सकेगी पहचान

यदि मृतक के परिजन नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध तस्वीरों और विवरण के आधार पर शव की पहचान कर लेते हैं, तो काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय नेपाली अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर शव को परिजनों तक पहुंचाने और उसे भारत वापस भेजने की प्रक्रिया में सहायता करेगा।

जिन शवों की पहचान नहीं हुई, वहां होगा डीएनए मिलान

दूतावास ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को देखते हुए नेपाल सरकार ने बड़ी संख्या में शवों का अस्थायी रूप से अंतिम प्रबंधन किया है। ऐसे शवों की पहचान के लिए मृतक के निकटतम जैविक परिजनों के डीएनए नमूनों का मिलान किया जा सकता है।

नेपाल के अधिकारी शवों से डीएनए नमूने लेकर उनकी प्रोफाइल तैयार कर रहे हैं। जिन मामलों में सामान्य तरीकों से पहचान संभव नहीं हो पा रही है, वहां डीएनए मिलान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। परिजन नेपाल पुलिस को डीएनए प्रोफाइल भेज सकते हैं या आवश्यक प्रारंभिक जानकारी के साथ रक्त के नमूने उपलब्ध करा सकते हैं।

भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

मृतकों की पहचान, शवों की सुपुर्दगी और उन्हें भारत वापस लाने से जुड़ी सहायता के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। दूतावास के अनुसार, जरूरतमंद लोग व्हाट्सऐप सुविधा वाले इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं—

  • +977 985 131 6807
  • +977 970 910 7500
  • +977 981 032 6117

भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह नेपाली अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है, ताकि पीड़ित परिवारों को शवों की पहचान और उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाने में हरसंभव सहायता दी जा सके।

(यह खबर 1 सितंबर 2026 को उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।)

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